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करवाचौथ व्रतऔर पूजन विधि –


करवाचौथ सुहागिनों का महत्वपूर्ण त्योहार माना गया है। यह पर्व इस वर्ष 08 अक्टूबर 2017 को मनाया जाएगा (पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सायं ०६:१५ से ०७:३८ तक) । इस पर्व पर महिलाएं सोलह श्रृंगार कर अपने पति की दीर्घायु की कामना रखते हुए पति का पूजन करती हैं और पति का अवलोकन करने के बाद ही अपना निर्जल व्रत को तोड़ती हैं। यह व्रत कार्तिक कृष्ण की चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्थी को किया जाता है। यदि दो दिन की चंद्रोदय व्यापिनी हो या दोनों ही दिन, न हो तो मातृविद्धा प्रशस्यते के अनुसार पूर्वविद्धा ग्रहण करनी चाहिए। व्रत के दिन प्रातः स्नानादि करने के पश्चात् यह संकल्प बोलकर करवा चौथ व्रत का आरंभ करें- मम सुखसौभाग्य पुत्रपौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये करक चतुर्थी व्रतमहं करिष्ये

विधि- पूरे दिन निर्जला रहें।दीवार पर गेरू से फलक बनाकर पिसे चावलों के घोल से करवा चित्रित करें। इसे वर कहते हैं। चित्रित करने की कला को करवा धरना कहा जाता है। आठ पूरियों की अठावरी बनाएं। हलुआ बनाएं। पक्के पकवान बनाएं। पीली मिट्टी से गौरी बनाएं और उनकी गोद में गणेशजी बनाकर बिठाएं।गौरी को लकड़ी के आसन पर बिठाएं।चौक बनाकर आसन को उस पर रखें। गौरी को चुनरी ओढ़ाएं। बिंदी आदि सुहाग सामग्री से गौरी का श्रृंगार करें।जल से भरा हुआ लोटा रखें। वायना (भेंट) देने के लिए मिट्टी का टोंटीदार करवा लें। करवा में गेहूं और ढक्कन में शक्कर का बूरा भर दें। उसके ऊपर दक्षिणा रखें। रोली से करवा पर स्वस्तिक बनाएं।गौरी-गणेश और चित्रित करवा की परंपरानुसार पूजा करें। पति की दीर्घायु की कामना करें। नमः शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं संतति शुभाम्। प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे।। करवा पर 13 बिंदी रखें और गेहूं या चावल के 13 दाने हाथ में लेकर करवा चैथ की कथा कहें या सुनें। कथा सुनने के बाद करवा पर हाथ घुमाकर अपनी सासुजी के पैर छूकर आशीर्वाद लें और करवा उन्हें दे दें। तेरह दाने गेहूं के और पानी का लोटा या टोंटीदार करवा अलग रख लें। रात्रि में चन्द्रमा निकलने के बाद छलनी की ओट से उसे देखें और चन्द्रमा को अर्घ्य दें। इसके बाद पति से आशीर्वाद लें। उन्हें भोजन कराएं और स्वयं भी भोजन कर लें।

0८ अक्टूबर २०१७ को विभिन्न शहरों के चंद्रोदय का समय-
दिल्ली में चंद्रोदय का समय     08:10 मिनट रात्रि
काशीपुर में चंद्रोदय का समय      08:02 मिनट रात्रि 
रानीखेत में चंद्रोदय का समय  08:00 मिनट रात्रि 
हल्द्वानी में चंद्रोदय का समय     08:00 मिनट रात्रि 
रुद्रपुर में चंद्रोदय का समय         08:01 मिनट रात्रि 
हरिद्वार में चंद्रोदय का समय      08:05 मिनट रात्रि 
रामनगर में चंद्रोदय का समय     08:03 मिनट रात्रि 
देहरादून मेंचंद्रोदय का समय        08:04 मिनट रात्रि 
चम्पावत में चंद्रोदय का समय     19:57 मिनट रात्रि 
पिथौरागढ़ में चंद्रोदय का समय    19:56 मिनट रात्रि 
अल्मोड़ा में चंद्रोदय का समय       19:58 मिनट रात्रि 
 

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