देवशयनी एकादशी-
देवशयनी एकादशी आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को कहा जाता है। यह एकादशी इस वर्ष 04/07/2017 दिन मंगलवार को है। देवशयनी एकादशी के अन्य नाम पद्मा एकादशी, आषाढ़ी एकादशी और हरिशयनी एकादशी भी हैं।
भगवान विष्णु का राजा बलि के साथ पाताल गमन के कारण इस दिन से मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। यह माना जाता है कि भगवान का पृथ्वी में वास नहीं है देव उत्थायनी एकादशी तक के ये चार माह मांगलिक कार्यों के लिए वर्जित माने जाते। इस दिन से चातुर्मास का आरम्भ माना जाता है। चातुर्मास के दौरान आने वाली कृष्णी एकादशी के व्रत भी स्मार्त लोग ले सकते हैं। केवल शुक्ली एकादशी का व्रत गृहस्थी ले सकते हैं। एकादशी के पावन व्रत पापनाशी और मंगलदात्री होतें हैं।
Trending
- उत्तराखंड में कब होंगे विरुड़ पंचमी, अमुक्ताभरण सप्तमी (डोर सप्तमी) और दूर्वाष्टमी?
- व्रत-पर्व अगस्त 2026
- अगस्त्योदय: वैदिक खगोल विज्ञान की अमूल्य धरोहर
- व्रत पर्व जुलाई -2026
- अगस्त्यार्घ्यदानविधिः
- व्रत-पर्व जून 2026
- निर्जला एकादशी 2026: कठिन व्रत, महान फल – पूरी जानकारी (कथा, विधि, महत्व और दान)
- श्रीकृष्ण जन्माष्टमी


