इन नक्षत्र जातकों से क्यों रहें भयभीत-अश्लेषा विशाखा ज्येष्ठा मूल जातकों के विवाह के संबध में अनेक मिथक समाज में मिलते हैं। क्रमशः सास,देवर,जेठ,ससुर के लिए इन जातकों को अशुभ माना जाता है। मेरे विचार में यह बात तर्क संगत नहीं लगती कारण यह है कि प्रत्येक जातक का कर्म यदि सही हैं तो उन कर्मों की फलोत्पत्ति सही ही होगी। इन सब से भयभीत होने की आवश्यकता है ही नहीं। यदि ज्योतिष की भाषा में कहें कि यदि सास ससुर देवर जेठ की ग्रहदशायें ठीक हैं कोई मारकदशा निकट भविष्य में नहीं है उनकी आयु ग्रह आधारित ठीक है तो ऐसे जातकों से डरना गलत होगा। और यदि इन सबकी शान्ति करा ली जाय तो उत्तम ही होगा।
विवाह लग्न में यदि सूर्य बली है तो मूल जातक तथा शुक्र बली है तो आश्लेषा जातक का दोष समाप्त हो जाता है।
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