🗓️ दिसंबर 2025 व्रत एवं त्योहार सूची
दिसंबर 2025 धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पावन है। इस महीने मोक्षदा एकादशी, गीता जयंती, सफला एकादशी, और बैकुंठ एकादशी जैसे शुभ पर्व मनाए जाते हैं। यह माह पौष मास की शुरुआत का भी संकेत देता है।
📅 दिसंबर 2025 व्रत व त्योहार सूची
| तिथि | व्रत / पर्व |
|---|---|
| 1 दिसंबर 2025 (सोमवार) | मोक्षदा एकादशी, गीता जयंती |
| 2 दिसंबर 2025 (मंगलवार) | प्रदोष व्रत |
| 4 दिसंबर 2025 (गुरुवार) | अन्नपूर्णा जयंती, दत्तात्रेय जयंती, मार्गशीर्ष पूर्णिमा |
| 5 दिसंबर 2025 (शुक्रवार) | पौष माह आरंभ |
| 7 दिसंबर 2025 (रविवार) | अखुरथ संकष्टी चतुर्थी |
| 15 दिसंबर 2025 (सोमवार) | सफला एकादशी |
| 16 दिसंबर 2025 (मंगलवार) | धनु संक्रांति |
| 17 दिसंबर 2025 (बुधवार) | प्रदोष व्रत |
| 19 दिसंबर 2025 (शुक्रवार) | पौष अमावस्या |
| 24 दिसंबर 2025 (बुधवार) | विनायक चतुर्थी |
| 27 दिसंबर 2025 (शनिवार) | गुरु गोविंद सिंह जयंती |
| 30 दिसंबर 2025 (मंगलवार) | पौष पुत्रदा एकादशी |
| 31 दिसंबर 2025 (बुधवार) | बैकुंठ एकादशी |
✨ विशेष पर्वों की जानकारी
📖 मोक्षदा एकादशी व गीता जयंती – 1 दिसंबर
मोक्ष की प्राप्ति के लिए यह एकादशी अत्यंत फलदायक मानी जाती है। इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र में अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था।
🌕 मार्गशीर्ष पूर्णिमा – 4 दिसंबर
इस दिन अन्नपूर्णा माता, दत्तात्रेय भगवान की जयंती और स्नान-दान का विशेष महत्व होता है।
🙏 सफला एकादशी – 15 दिसंबर
यह एकादशी व्रत मन, वाणी और कर्म की शुद्धि के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है।
🛕 बैकुंठ एकादशी – 31 दिसंबर
विष्णु भक्तों के लिए सबसे पवित्र दिन। इस दिन बैकुंठ धाम के द्वार खुले माने जाते हैं। यह व्रत विशेष फलदायक होता है।
📌 निष्कर्ष
दिसंबर 2025 में कई शुभ और पुण्यदायक पर्व आते हैं, जो धार्मिक साधना और आत्मकल्याण के लिए अत्यंत उपयुक्त हैं। बैकुंठ एकादशी के साथ यह माह एक दिव्य समापन की ओर बढ़ता है।


