कुण्डली मिलान क्यों आवश्यक है?
कभी आपने अनुभव किया होगा की किसी व्यक्ति के साथ आप के वैचारिक तथा क्रियात्मक विचारधारा मेल खाती है। आप किसी व्यक्ति के पास अपना समय अधिक व्यतीत कर लेते हैं। पर आप किसी अन्य व्यक्ति के साथ बैठ तक नहीं पाते या आपको अच्छा नहीं लगता। यदि हम इस बात को ज्योतिष की दृष्टि से देखें तो आपके ग्रह उस व्यक्ति के साथ मेल खा रहे हैं। विज्ञान इस बात को इस तरह कहता है कि हमारा षरीर एक चुम्बकीय क्षेत्र निर्मित करता है और जिस व्यक्ति का यह क्षेत्र आपस में एक दूसरे से मेल खाता है तो उनकी विचार धारायें समान होती हैं।
इस लिए हमारी प्राचीन परम्परा अत्यधिक महत्वपूर्ण है। वैवाहिक जीवन की सफलता हेतु कुण्डली मिलान आवश्यक भी है।

